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Essay on Air Pollution in Hindi

इस बात में कोई शक नहीं है कि भारत दिन पर दिन प्रगति की ओर बढ़ते जा रहा है। भारत अपने हुनर के बदौलत देश दुनिया में अपना एक अलग पहचान बना रहा है। परंतु कहते हैं ना कि हर सिक्के के दो पहलू होते है ठीक उसी प्रकार भारतके भी दो पहलू हैं। एक में तो भारत अपनी प्रगति का मार्ग बनाते जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर लोगों की लापरवाही के वजह से बिछड़ते जा रहा है। कुछ लोगों की लापरवाही की वजह से और देश में बनी कारखानों के वजह से हमारा वातावरण बहुत दूषित (Essay on Air Pollution in Hindi) होते जा रहा है। ऐसे वातावरण के कारण आने वाली पीढ़ी का भविष्य अंधकार में होते जा रहा है।

इस लेख में हम वायु प्रदूषण के बारे में विस्तार में चर्चा करेंगे।

प्रस्तावना:-

वायु प्रदूषण देश दुनिया की समस्याओं का मुख्य कारण है। बढ़ती हुई जनसंख्या के साथ-साथ लोगों की जरूरतें भी बढ़ती जा रही हैं। यह खुद भी प्रदूषण का एक बहुत बड़ा कारण है। वायु प्रदूषण के कारण ओजोन लेयर भी बहुत प्रभावित हो रही है। मनुष्य की जो दैनिक गतिविधियां होती है वह बहुत सारे रसायनों से मिलकर बनी होती है जो कि वायु को प्रदूषित करने का मुख्य कारण बनती जा रही है। औद्योगिकरण की प्रक्रिया में प्रकार के हानिकारक गैस, पेंट, स्मोकिंग, कारखानों से निकलने वाला काला धुआं, कन्नू, बैटरीया, कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड इन, और अन्य जहरीले पदार्थों को वातावरण में छोड़ा जा रहा है जिसके कारण वायु दूषित हो रही है। वायु प्रदूषण वर्तमान समय एक बहुत बड़ी समस्या बनती जा रही है। जो कि शहरों में हो रहे औद्योगिकरण के बड़े बड़े कारखानों के कारण हो रही है।

इससे ओजोन लेयर को बहुत नुकसान पहुंच रहा है जिसके कारण सूरज की हानिकारक किरण पृथ्वी पर सीधा पहुंच रही है। इसके चलते मनुष्य को अलग-अलग प्रकार की बीमारियों का सामना करना पड़ता है। लोग अपने दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाले जरूरतों के सामान के अलावा जो कचरा फैलाते हैं यही सब चीजें वातावरण को दूषित करते जा रहे हैं। शहरों में इस्तेमाल होने वाली मोटरसाइकिल, बाइक, कार, ट्रक, औद्योगिक प्रक्रिया, कचरे को जलाना, आदि के द्वारा निकलने वाला काला जहरीला धुआं हानिकारक गैस कार्बन डाइऑक्साइड यह सब वायु प्रदूषण में अपना बहुत बड़ा योगदान देते हैं। यह सारी चीजें मानव द्वारा ही वातावरण में फैलाई गई हैं और मानव द्वारा फैलाई गई प्रदूषण के कारण मानव को ही नए-नए रोगों का सामना करना पड़ता है।

वायु प्रदूषण का कारण:-

वायु प्रदूषण के मुख्यतः दो कारण है:-

१. प्राकृतिक स्त्रोत

२ . मानवीय स्त्रोत

प्राकृतिक स्त्रोत यानी कि प्राकृतिक द्वारा वातावरण को पहुंचाया गया हानी या प्राकृतिक द्वारा होने वाला प्रदूषण। प्रकृति द्वारा भी वायु को प्रदूषित किया जा रहा है ऐसे बहुत से प्राकृतिक कारण हैं जिनके वजह से वायु दिन प्रतिदिन प्रदूषित होती जा रही है। जैसे कि वनों में लगने वाले आग जो कि हजारों किलोमीटर तक अपने आप फैल जाती हैं।आग से निकलने वाली धुआं और राख के कारण वायु में मिलकर वायु को दूषित कर देते हैं। कोहरा भी वायु प्रदूषण (Essay on Air Pollution in Hindi) का एक प्रमुख कारण बनता है। इसमें ज्वालामुखी भी वायु प्रदूषण का एक प्रमुख कारण है, ज्वालामुखी विस्फोट के दौरान विशाल मात्रा में धुआं, राख, चट्टानों के टुकड़े, जहरीली गैस आदि वायु मंडल में प्रवेश करती है और वायुमंडल को दूषित करती है। पेड़ पौधों के दौरान भी कुछ जहरीली गैस से निकलती हैं जो कि वायु को प्रदूषित करने का कारण बनती है। दलदली इलाकों में मीथेन गैस का फॉर्मेशन होने से भी वायु प्रदूषित होती है। समुद्री लवण के कण, खनिजों के कण आदि भी वायु प्रदूषण में योगदान देते हैं।

इस बात में कोई शक नहीं है कि वायु प्रदूषण होने का मुख्य कारण मनुष्य है। एक और मनुष्य अपनी सुख-सुविधाओं के लिए अलग-अलग आविष्कार करके देश अपना नाम रोशन कर रहा हैं तो वहीं दूसरी ओर वायु प्रदूषण के रूप में समस्या को जन्म दे रहे हैं। मानो अपने अलग-अलग क्रियाओं से वातावरण को बहुत ही ज्यादा दूषित करते जा रहे हैं।

मानव घरेलू उपयोग जैसे खाना बनाना, पानी गर्म करना इत्यादि कार्य के लिए इंधन जैसे लकड़ियां, मिट्टी तेल, गैस सिलेंडर ,आदि का इस्तेमाल करते हैं इन सब के इस्तेमाल से वातावरण में बहुत सी जहरीली गैसें निकलती है जैसे कि कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, आदि, जोकि वायु को प्रदूषण करने के लिए काफी है। लोगों द्वारा अपनी सुख-सुविधाओं के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले वाहन जैसे कार, मोटरसाइकिल, ट्रक, आदि के इस्तेमाल से वातावरण में नाइट्रोजन ऑक्साइड घुल कर वायु को जहरीले बना देते हैं।

विकसित देशों के मुकाबले हमारे देश में वाहन की उपयोगिता कम है किंतु वायु प्रदूषण कम नहीं है, क्योंकि विकसित देशों के मुकाबले हमारे देश के वाहनों की इंजन पुरानी होते है और पेट्रोल, डीजल ज्यादा उपयोग करने से कार्बन डाइऑक्साइड गैस रिलीज होकर वायु (Essay on Air Pollution in Hindi) में मिलकर वायु को जहरीला बना देती है। हमारे भारत देश में कोयले को जलाकर ऊर्जा प्राप्त करने की प्रक्रिया बहुत ही बड़े स्तर पर की जाती है जो कि वायु प्रदूषण का एक बहुत ही बड़ा मुख्य कारण है। वायु प्रदूषण का एक मुख्यता कारण उद्योग भी है आजकल देश अपने आप को विकसित बनाने के लिए अलग-अलग प्रकार की कंपनियों का निर्माण कर रही है जिसका निरंतर इस्तेमाल से जहरीली गैस और काले काले वातावरण में मिलकर वायु को और ओजोन लेयर को हानि पहुंचा रही है। ओजोन लेयर को हानि पहुंचने के कारण अम्लीय वर्षा होती है और यह अम्लीय वर्षा भीवायु प्रदूषण का मुख्य कारण है। और किसानों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कीटनाशक दवाइयों के चलते भी वायु दूषित हो रहा है। वास्तव में जो मानव ने अपने सुख सुविधाओं के लिए जो चीजें बनाई हैं उनके उपयोग मात्र से वायु दूषित होते जा रहा है और यह एक बहुत बड़ी चिंता का कारण बनते जा रहा है।

वायु प्रदूषण से होने वाली बीमारियां:-

वायु प्रदूषण का स्तर दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहा है। इन सब चीजों को दूषित करने के पीछे मनुष्य का बहुत बड़ा हाथ है मनुष्य खुद अपने लिए दिक्कतें उत्पन्न करते जा रहा है। वायु प्रदूषण के कारण मनुष्य को बहुत सारी तकलीफों का सामना करना पड़ता है। वायु प्रदूषण से बहुत सारी बीमारियां उत्पन्न होती जा रही हैं। वायु प्रदूषण से मुख्यता सांस की बीमारी होती है जैसे अस्थमा इत्यादि। वायु प्रदूषण से ज्यादातर लोगों को सिर दर्द, थकान, चिंता, आंखों में दर्द, नाक व गले में जलन, और बॉडी के कुछ सिस्टम पर बहुत ही बुरा असर पड़ता है। वायु प्रदूषण के कारण मनुष्य व बच्चों का मानसिक व शारीरिक विकास होना नामुमकिन सा हो चुका है। वायु प्रदूषण से हमारे बॉडी का हार्ड लोंग जैसे बहुत सारे सिस्टम को नुकसान पहुंच रहा है और कुछ हद तक यह हड्डियों को भी नुकसान पहुंचाता है। वायु प्रदूषण के कारण लोगों का बाल झड़ना चक्कर आना ऐसी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। और वायु प्रदूषण के कारण मानव का स्वास्थ्य दिन प्रतिदिन बिगड़ते जा रहा है। और नई नई बीमारियां उत्पन्न होती जा रही हैं।

वायु प्रदूषण को कम कैसे करें:-

वायु प्रदूषण को कम करने के बहुत सारे साधन हैं परंतु इन साधनों को संपूर्ण करने के लिए मनुष्य का योगदान देना बहुत ही जरूरी है। जैसे कि लोगों को जितनी जरूरत है उतना ही बिजली, इंधन, गैस, सिलेंडर, इत्यादि चीजों का इस्तेमाल करना चाहिए ताकि इनसे जो गहरी जहरीली गैस से निकलती है वह एक हद तक कम निकले। लोगों को ज्यादा से ज्यादा पैदल यात्रा करना चाहिए अगर किसी जरुरतवर्श उन्हें गाड़ियों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है तो वह सार्वजनिक गाड़ियों का इस्तेमाल करें, निजी गाड़ियों में पेट्रोल डीजल यह सब का इस्तेमाल कम करें, बच्चों को स्कूल आने जाने के लिए भी साइकिल का इस्तेमाल करना चाहिए, इससे गाड़ियों से निकलने वाली जो कार्बन डाइऑक्साइड गैस होती है वह कम निकलेगी और हमारा वायु कम प्रदूषित होगा। हमें जितना हो सके उतना पेड़ पौधे लगाना चाहिए और पेड़ पौधों की कटाई भी कम कर देनी चाहिए। पेड़ पौधे जहरीली तथा कार्बन डाइऑक्साइड जैसे गैसों को अपने अंदर समाहित करके हवा को शुद्ध बनाते है। प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए राज्य सरकारों द्वारा अलग-अलग तरह की योजनाएं बनानी चाहिए, और लोगों को प्रदूषण व स्वच्छ वायु का महत्व समझाते हुए उन्हें जागरूक करना चाहिए ताकि वे प्रदूषण की गंभीरता को समझते हुए इसे कम करने की पूरी कोशिश करें और ऐसे भारत का निर्माण कर सके जहां खुली हवा मैं सांस लेना सेहत व स्वास्थ्य के लिए हानिकारक ना हो।

उपसंहार:-

वायु प्रदूषण (Essay on Air Pollution in Hindi) के प्रति दिन बढ़ते जा रहा है और यह जानलेवा बनते जा रहा है। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना बहुत ही अति आवश्यक हो चुका है यदि हमने वायु प्रदूषण को नियंत्रण में नहीं किया तो आने वाली पीढ़ी स्वच्छ हवा में सांस नहीं ले पाएगी और इसके कारण हमारे देश का विकास अधूरा रह जाएगा। इस समस्या का समाधान हम सब मानव को मिलकर करना पड़ेगा क्योंकि एक अकेली सरकार पूरी समस्या का समाधान नहीं कर पायेगी इसीलिए हमें मानवता को जागरूक करना चाहिए ताकि वे प्रदूषण के तकलीफ को समझ पाए और अपने हित के लिए एक ठोस कदम उठाएं। हमें जितना हो सके उतना वृक्षारोपण करना चाहिए वृक्ष रोपण से हमारे वातावरण को हवा शुद्ध मिलती है और भी बहुत सारे सकारात्मक प्रयास करने चाहिए। तभी वायु प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सकता है। और एक स्वच्छ भारत का निर्माण किया जा सकता है।