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Essay on MySelf in Hindi

हेलो दोस्तों आज मैं आप सबको अपना परिचय देने जा रहा हूं। मेरा नाम रोहित सिंह है। मैं कक्षा 12वीं का छात्र हूं। मेरे पिता का नाम श्री अनिल सिंह है वह माता का नाम श्रीमती सरिता सिंह है। मेरा जन्म 21 अक्टूबर 2002 में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बॉर्डर कहे जाने वाले ग्वालियर (Essay on My Self in Hindi) में हुआ था। आज के समय में मैं 19 वर्ष का हूं। मैं अभी कृष्णा कावेरी पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ता हूं। मैं एक विज्ञान का छात्र हूं और मेरा सर्वप्रिया विषय है जीव विज्ञान। मेरे दो और छोटे भाई बहन हैं जिसमें से मेरा छोटा भाई मुझसे दो साल छोटा है और बहन तीन साल छोटी है। हम पूरे 5 सदस्य हैं जो एक साथ मिलजुल कर एक ही घर में रहते हैं। इस वक्त मैं दिल्ली में निवास करता हूं। मेरी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली से ही शुरुआत हुई थी और आज मैं अपनी भौतिक शिक्षा भी यहीं से प्राप्त कर रहा हूं।

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मेरे पसंदीदा चीज:-

में एक विज्ञान का छात्र हूं तो मुझे बहुत सारे किताबें पढ़ना बहुत ज्यादा पसंद है। मैं अपने खाली समय में क्रिकेट भी खेलता हूं। क्रिकेट मेरा एक ऐसा लक्ष्य है जिसे मैं आगे चलकर प्राप्त करना चाहूंगा। इसके अलावा मुझे पेंटिंग और स्केचिंग भी पसंद है। मेरी रुचि खाना बनाने में भी है मैं और बहुत स्वादिष्ट खाना भी बनाता हूं। मुझे घूमना बहुत ज्यादा पसंद है नई नई जगहों को देखना और उनके बारे में उनका इतिहास जानना मुझे बहुत ज्यादा प्रभावित करता है। आज तक में बहुत सारे ऐसे जगहों को देख चुका हूं जो मेरे लिए एक अपनी अलग पहचान बनाती है। मुझे नए लोगों से मिलना भी बहुत पसंद है उनकी नई नई बातें और उनके रहने का तरीका यह सब भी मुझे उनके तरफ बहुत ज्यादा प्रभावित करता है।

मेरा लक्ष्य:-

आज के समय में मैं विज्ञान की स्त्रोत को पूरा करने की कोशिश कर रहा हूं आगे चलकर मेरा लक्ष्य होगा 12वीं में अच्छे अंको से उत्तीर्ण करना। विज्ञान का छात्र होने के बावजूद मुझे खेलकूद में ज्यादा रुचि है मैं अपना आगे का लक्ष्य खेलकूद में भी निर्धारित करना चाहूंगा। मैं क्रिकेट का कैप्टन भी हूं और अपने ग्रुप के लिए मैंने कई बार कैप्टंसी भी करी है। कई बार तो मुझे टूर्नामेंट अवॉर्ड भी मिले हैं और मैं दूसरे इलाकों में भी जाकर खेलता हूं। यदि मेरा क्रिकेट का सफर अच्छा रहा तो मैं अपना लक्ष्य क्रिकेट को निर्धारित करके उसके लिए ही प्रयत्न करूंगा। मैं कई बार अपने लक्ष्य को लेकर के बहुत ज्यादा परेशान हो जाता हूं परंतु फिर अपने मस्तिष्क को शांत करके मैं इस चीज के बारे में सोचता हूं और उपाय निकालने की कोशिश करता हूँ और बाद में उपाय निकल जाता है।

मेरे प्रिय लोग:-

मेरे प्रिय लोगों के अंतर्गत सबसे पहले मेरे माता-पिता आते हैं जो कि मुझे इन सब चीजों की सीख देते हैं और मुझे आगे बढ़ने को प्रोत्साहित करते हैं।इसके बाद मैं अपने भाई बहन को अपने सबसे प्रिय मानता हूं क्योंकि वह मुझसे छोटे हैं तो उन्हें प्यार करना मेरी जिम्मेदारी और कर्तव्य दोनों ही है। इसके बाद मैं अपने मित्रों को ही अपना सबसे प्रिय मानता हूं। मेरे सबसे प्रिय मित्र का नाम शुभम है। वह भी मेरे साथ ही कक्षा चौथी से पढ़ रहा है। हम दोनों साथ में ही क्रिकेट (Essay on MySelf in Hindi) की तैयारी भी करते हैं। बहुत समय से दोस्ती होने के कारण मेरे माता-पिता भी उससे अच्छी तरीके से मिलजुल गए हैं और उसका आना-जाना मेरे घर में लगा रहता है हम दोनों भाई की तरह रहते हैं। मेरे प्रिय लोगों में और भी कई नाम शामिल है। यह सब मेरे मित्र हैं और मैं इन लोगों को सबसे ज्यादा पसंद करता हूं।

मेरी अभिलाषाएं:-

मनुष्य होने के कारण मेरी भी कई सारी अभिलाषाएं हैं जो कि मुझे आगे चलकर पूरी करनी है। मेरी प्रथम अभिलाषा है कि मैं अपना नाम ऊंचा देखना चाहता हूं। मैं अपने माता-पिता का नाम रोशन करना चाहता हूं और मैं उन्हें गर्वित कराना चाहता हूं। मैं कभी किसी को भी परेशानी या हानि नहीं पहुंचाओ और हमेशा लोगों के लिए अच्छा और सुविधाजनक काम करो। मेरी अभिलाषा है कि मैं आगे चलकर अपने मित्रों के साथ रहूं और मैं दुनिया के कोने कोने को देख सकूं। हालांकि यह तो मुमकिन नहीं है परंतु मैं अपनी पूरी जीवन काल में उन सभी जगहों को देखना चाहता हूं जिनके बारे में मैंने सिर्फ सुना है। मेरी अभिलाषा बहुत सारी है और मैं उन सब को आगे चलकर पूरा करना चाहता हूं।

मेरे दायित्व:-

घर का बड़ा बेटा होने के कारण मेरे पर कई सारे दायित्व खड़े होते हैं। मुझे आगे चलकर अपने पिता के काम काज में उनका हाथ बताना है। मेरी माता मुझसे कई सारी इच्छाएं रखती है उन सभी को पूरी करनी है और बड़ा भाई होने के कारण मुझे अपने छोटे भाई बहनों को अच्छी सीख (Essay on MySelf in Hindi) और सही समझ देनी है। मेरे कोई और भी दायित्व है जो मुझे आगे चलकर पूरे करने हैं। अपनी तरफ से मैं पूरी कोशिश करूंगा कि मैं अपने दायित्व को भलीभांति निभा सकूं और सबके मन मुताबिक खरा हो सकूं। मेरे लिए मेरा परिवार सबसे ज्यादा जरूरी है और मैं अपने दोस्तों को भी निराश नहीं करना चाहता हूं। इसलिए मैं दोनों को एक साथ लेकर चलना चाहता हूं और आगे चलकर मैं सबके साथ रहकर अपना जीवन व्यतीत करना चाहता हूं।

उपसंहार:-

जीवन में कई बार ऐसा होता है कि हम दो चीजों में फंसकर रह जाते है और एक को चुनते हैं परंतु जब बात रिश्तो की हो तो हमें दोनों को सही मापन में रख कर एक साथ निर्णय लेना चाहिए। आगे चल कर मैं यही करने की कोशिश करूंगा यदि नहीं हो पाया तो मैं अपने लिए एक सही रास्ता चून लूंगा। परंतु आज के समय (Essay on MySelf in Hindi) में जहां मैं दोनों के सहायता से आगे बढ़ रहा हूं वहां मैं दोनों को ही चुन लूंगा। जीवन में बहुत सारी ऐसी चीजें होती है जो हमें आगे चलकर करनी होती है हम यदि उसकी तैयारियां आज से ही करेंगे तो आगे चल कर हमारे लिए वह बहुत ज्यादा सहायक हो सकेगा।

FAQ:-

1. मेरा और मेरे माता पिता का क्या नाम है?

उत्तर:- मेरा नाम राहुल सिंह है और मेरे पिता का नाम अनिल सिंह तथा माता का नाम सरिता सिंह है।

2. मैं कौन सी कक्षा का छात्र हूँ और मेरा प्रिय विषय कौन सा है?

उत्तर:- मैं कक्षा 12वीं का छात्र हूं और मेरा प्रिय विषय जीव विज्ञान है।

3. मेरी प्रिय खेलों में से कौन-कौन से खेल सामने आते हैं?

उत्तर:- मेरा प्रिय खेल क्रिकेट है और मैं उसे बहुत ही ज्यादा अनुभव के साथ खेलता हूं।

4. मेरे प्रिय मित्र का नाम क्या है और वह कौन सी कक्षा से मेरे साथ है?

उत्तर:- मेरे प्रिय मित्र का नाम शुभम है और वह चौथी कक्षा से मेरे साथ पढ़ रहा है।

5. मेरी प्रथम अभिलाषा क्या है?

उत्तर:- मेरी प्रथम अभिलाषा है मेरा खुद का एक ऊंचा नाम देखना चाहता हूं। मैं अपने माता-पिता का नाम रोशन करना चाहता हूं और मैं उन्हें गर्वित करना चाहता हूं